गुरूवार के दिन भूलकर भी न करें ये 4 काम, पति और संतान की उम्र पर पड़ता है बुरा प्रभाव

0
Vaastu Shaastra

हफ्ते में 7 दिन होते हैं और इन सातों दिनों को भारत में अलग-अलग महत्व के रूप में देखा जाता है. किसी दिन भगवान शंकर की पूजा तो किसी दिन भगवान हनुमान की पूजा तो किसी दिन माता लक्ष्मी की पूजा किसी दिन साईं नाथ की पूजा तो किसी दिन भगवान विष्णु की पूजा. यानी की आप ये अंदाजा लगा सकते हैं कि सातों दिन को अलग-अलग भगवानों और माता के नाम से पूजा जाता है. ऐसे में गुरूवार को धर्म का दिन कहा जाता है. इस दिन गुरी को लेकर एक मान्यता है, कि ये दूसरे ग्रहों के मुकाबले ज्यादा शक्तिशाली और भारी होता है. इस कारण गुरूवार के दिन ऐसा कोई भी कार्य करने से बचें जिससे शरीर या घर में हल्कापन महसूस हो. क्योंकि मान्यता है कि इस तरह से गुरु के प्रभाव में आने वाले कारक तत्वों का परिणाम हल्का हो जाता है. ऐसे में आज इस खबर के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि गुरूवार के दिन कौन से काम नहीं करने चाहिए.

 

बाल धोने और कटवाने से बचें
भारतीय शास्त्रों की माने तो बृहस्पति महिला की जन्मकुंडली में पति और संतान का कारक माना जाता है. अर्थात् इसका प्रभाव गुरु ग्रह संतान और पति दोनों के जीवन पर पड़ता है. इसलिए गुरूवार के दिन महिलाओं को अपना सिर नहीं धोना चाहिए और न ही बाल कटवाने चाहिए. यदि आप ऐसा करती हैं तो इससे आपकी कुंडली में बृहस्पति का बल कमजोर हो जाता है और ऐसे में पति व संतान की उन्नति रुक जाती है.

 

भूलकर भी न करें शेविंग और न काटे नाखून
आपने कई बार पूर्वजों के मुंह से ये बात जरूर सुनीं होंगी कि गुरूवार के दिन ये न करें वो न करें. इसका मतलब यही है कि कुछ ऐसे काम होते हैं जो गुरूवार के दिन नहीं करने चाहिए. कहते हैं कि गुरु ग्रह को जीव के रूप में भी जाना जाता है. यहां पर जीव का तात्पर्य जीवन से है यानी आपकी उम्र. इसलिए गुरुवार के दिन नाखून काटने और शेविंग करने से आपका गुरु ग्रह कमजोर पड़ने लगता है. जिससे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, और उम्र में से दिन घटने लगते हैं.

 

घर में पोछा न लगाएं
कहा जाता है कि घर में ज्यादे वजन वाले कपड़ों को धोने, कबाड़ घर से बाहर निकालने, घर को धोने या पोछा लगाने से

इस दिन लक्ष्मी को ना करें नजरअंदाज
हिन्दू मान्यता के अनुसार गुरूवार के दिन भगवान नारायण की पूजा की जाती है. लेकिन नारयण को आप तभी प्रसन्न कर सकते हैं, जब उनके साथ आप उनकी पत्नी लक्ष्मी की पूजा करेंगे. नारायण तभी प्रसन्न होंगे जब आप उनके साथ उनकी पत्नी यानी कि लक्ष्मी जी की भी पूजा करेंगे. इसलिए गुरुवार के दिन माता लक्ष्मी और नारायण की एक साथ पूजा करने से जीवन में खुशियां आती हैं और पति-पत्नी के बीच कभी दूरियां खत्म हो जाती हैं. इसके अलावा घर में आर्थिक तंगी भी दूर हो जाती है.

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Leave A Reply

Your email address will not be published.