भूलकर भी ना पहने इन रंगों के जूते, आपके जीवन पर डाल सकता हैं बुरा प्रभाव

0

आजकल हर कोई फैशन की दुनिया में खुद को अपडेट रखना चाहता है. फैशन व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने का काम करता है पर ज्योतिष के अनुसार कई बार गलत ढंग से किया गया फैशन व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकता है.

मनुष्य के जीवन में ग्रहों का बहुत महत्व होता है. जीवन की अच्छी या बुरी घटनाओं के लिए ग्रह जिम्मेदार माने जाते हैं. ज्योतिषविदों की मानें तो गलत तरीके से किया हुआ फैशन किस्मत को बिगाड़ सकता है. तो आखिर फैशन हमारे जीवन को किस तरह प्रभावित करता है, आइए जानते हैं पंडित शैलेंद्र पांडेय से-

रंग-बिरंगे जूते पहनना
आजकल लोग रंग-बिरंगे जूते पहनना पसंद करते हैं. एक समय था जब लोग काले, भूरे या नीले रंग के जूते पहना करते थे पर आजकल के ट्रेंड को देखते हुए लोग पीले, लाल, गुलाबी, हरा आदि विभिन्न रंग के जूते पहनते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि जूतों के रंग का प्रभाव व्यक्ति की किस्मत पर पड़ सकता है?

किस रंग के जूते पहनना है शुभ
ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे के मुताबिक, अलग-अलग रंग के जूते अलग-अलग ग्रहों से संबंध रखते हैं. ज्योतिष के अनुसार, पैरों के हिसाब से शरीर में निचला स्थान शनि का होता है. जूते-चप्पल से शनि और राहु, दोनों का संबंध है. अक्सर जिनकी राशि में शनि और राहु लीड करते हैं, ऐसे लोग जूते-चप्पल के व्यापार में तरक्की करते हैं.  इसलिए पैरों में काले, भूरे और नीले रंग के जूते पहनना अच्छा माना जाता है.

अगर आप फैशन के लिए कोई जूता पहनना चाहते हैं तो एक बात का विशेष ध्यान रखें, जिस रंग का जूता आप पहन रहे हैं, कहीं उससे कोई ग्रह आपका प्रभावित तो नहीं हो रहा है. उदाहरण, अगर आपका मंगल खराब है और आपने लाल रंग के जूते पहन लिए तो इससे आपका मंगल और भी ज्यादा खराब हो जाएगा. मंगल जितना ज्यादा खराब होगा, जीवन में मुश्किलें उतनी ज्यादा बढ़ेंगी.

पीले रंग के जूते पहनने की सख्त मनाहीPhoto of भूलकर भी ना पहने इन रंगों के जूते, आपके जीवन पर डाल सकता हैं बुरा प्रभाव
चंद्रमा खराब होने पर सफेद जूता पहनने से बचें. ज्योतिष के अनुसार, पीला रंग देव गुरू बृहस्पति का होता है. इसलिए पीले रंग के जूते-चप्पल पहनने की सख्त मनाही है. हिंदू शास्त्र के अनुसार, पीले रंग को पवित्र रंग माना जाता है. पैरों में इस रंग के जूते-चप्पल और धातु आदि पहनना सख्त मना है. पीले रंग के जूते-चप्पल और सोने की पायल पहनने से अपयश, दरिद्रता और बाधा आदि पैदा होती है.

टैटू बनवाना
आजकल शरीर पर विभिन्न रंगों के टैटू बनवाना फैशन सा हो गया है. लक्षण विज्ञान कहता है कि शरीर पर हर छोटे-छोटे चिह्न का अलग अर्थ होता है. व्यक्ति के दाहिने हाथ के बीचों-बीच तिल होने का मतलब है कि वह बहुत धनवान है. ये चिह्न आपके जीवन पर गहरा असर डालते हैं. ऐसे में किसी भी साइज का टैटू एक चिह्न की तरह काम करता है और इसका असर आपके भाग्य पर पड़ता है.

सही जगह पर बनवाएं टैटू
ज्योतिष के अनुसार, शरीर पर कृत्रिम तरीकों से टैटू बनवाने से बचना चाहिए. फिर भी अगर आप टैटू बनवाना चाहते हैं तो ऐसी जगह बनवाएं जहां से उसका कोई दुष्प्रभाव ना हो जैसे कलाई के नीचे, पीठ की तरफ और पैर में पंजे के पास बनवा सकते हैं. हाथों में, उंगलियों में और सीने पर टैटू सबसे जल्दी असर डालते सकते हैं जिससे आपका जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है. इसलिए सोच-समझकर ही टैटू बनवाना चाहिए.

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Leave A Reply

Your email address will not be published.