भूलकर झाड़ू लगाते समय ना करें ये गलतियां, नहीं तो हो जाएंगे कंगाल

0

सफाई के लिए हर जगह झाड़ू का इस्तेमाल होता है फिर चाहे वो घर हो या फिर ऑफिस. वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार झाड़ू रखने की उचित दिशा दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम बताई गई है. माना जाता है कि इस दिशा में झाड़ू रखने से नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) नहीं फैलती. आइए जानते हैं झाड़ू से जुड़े वास्तु नियम.

वास्तु के अनुसार झाड़ू कभी भी ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखनी चाहिए. क्योंकि इस दिशा में झाड़ू (Broom) रखने से घर में धन का आगमन नहीं होता. इसलिए दक्षिण या दक्षिण- पश्चिम दिशा में झाड़ू रखना शुभ माना जाता है.

वास्‍तु के अनुसार झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए. झाड़ू को कभी भी ऐसे स्‍थान पर नहीं रखना चाहिए जहां आते-जाते लोगों की नजर पड़े. बेडरूम में भी झाड़ू रखने से बचना चाहिए.Photo of भूलकर झाड़ू लगाते समय ना करें ये गलतियां, नहीं तो हो जाएंगे कंगाल

वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू पर कभी पैर नहीं रखना चाहिए. दरअसल, ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं. जिससे घर में धन की देवी की कृपा नहीं बरसती और धन आगमन में बाधा उत्पन्न होती है.

वहीं, सपने में झाड़ू का दिखना अच्छा माना जाता है. वास्तु में झाड़ू को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. अगर किसी व्यक्ति को सपने में झाड़ू दिखती है तो धन लाभ के योग बनने हैं. इसलिए सपने में झाड़ू दिखना शुभ एवं सौभाग्य का प्रतीक है.

वास्तु शास्त्र के मुताबिक जब भी घर में पुरानी झाड़ू को बदलकर नई झाड़ू इस्तेमाल करनी हो तो इसके लिए शनिवार के दिन का चुनाव करना बेहतर है.

किचन में झाड़ू नहीं रखनी चाहिए क्योंकि इससे घर में अन्न की कमी आती है. साथ ही सूर्यास्त के बाद भी झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. जबकि सूर्योदय के साथ झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन आगमन के मार्ग खुलते हैं

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Leave A Reply

Your email address will not be published.


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107