जानिए कब हैं अक्षय तृतीया, इस दिन क्यों खरीदा जाता हैं सोना

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सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होने के कारण किसी भी तरह के शुभ कार्य किये जा सकते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया मनाई जाती है। इस साल यह तिथि 14 मई को पड़ रही है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन दान का दोगुना फल मिलता है। इसके साथ ही इस दिन सोना खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

अक्षय तृतीया का महत्व-

भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं धर्मपाज युधिष्ठिर को अक्षय तृतीया का महत्व बताते हुए कहा था कि यह परम पुण्यमयी तिथि है। इस दिन दोपहर से पहले स्नान, दान और तप करने से इंसान को पुण्यफल की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया को एक लेकर प्रचलित एक पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक गरीब और वैश्य रहता था। जिसकी देवताओं में ज्यादा श्रद्धा थी। गरीब होने के कारण वह बहुत व्याकुल रहता था। इस दिन उसे किसी से अक्षय तृतीया व्रत के बारे में पता चला। उसनें इस दिन विधि-विधान से देवी-देवताओं की पूजा की और दान-पुण्य किए। इस दिन किए गए दान-पुण्य के प्रभाव से वह अगले जन्म में कुशावती का राजा बना।

अक्षय तृतीया के दिन क्यों की जाती है सोने की खरीदारी?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन शुरू किया जाने वाला कार्य सफल होता है। इतना ही नहीं इस दिन जितने भौतिक संसाधन जुटाए जाएं, वह हमेशा बने रहते हैं। इसलिए अक्षय तृतीया के दिन लोग नए काम की शुरुआत करने के साथ ही बर्तन, सोना, चांदी और अन्य कीमतीं वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। कहते हैं कि इस दिन खरीदा गया सोना पीढ़ियों के साथ बढ़ता है।Photo of जानिए कब हैं अक्षय तृतीया, इस दिन क्यों खरीदा जाता हैं सोना

बेहद खास होती है ये तिथि

-अक्षय तृतीया के पावन दिन ही उत्तराखंड में स्थित यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलते हैं।

-धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पावन दिन गंगा स्नान करने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है।

-अक्षय तृतीया के दिन किसी भी तरह का शुभ कार्य किया जा सकता है।

-इस दिन पितृ संबंधित कार्य करने से पितरों का आर्शीवाद प्राप्त होता है।

-इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है।

मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन किसी भी कार्य की शुरुआत की जाती है तो उस कार्य में सफलता अवश्य प्राप्त होती है।

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