चाणक्य नीति: अगर इन 7 प्राणियों को नींद से जगाया तो हो सकती है मौत

0

चाणक्य को भारत के एक महान राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री के रूप में जाना जाता है. घनानंद की सत्ता को समाप्त कर चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाने वाले चाणक्य को महान ज्ञानियों में शामिल किया जाता है. उन्होंने किशोर अवस्था में ही वेद, पुराण समेत कई वैदिक साहित्यों का अध्ययन कर लिया था. आचार्य ने चाणक्य नीति के रूप में नीतियों का एक अनमोल खजाना दुनिया को दिया. इन नीतियों के रास्ते पर चलकर कोई भी मनुष्य अपने जीवन की परेशानियों से पार पाने में मदद ले सकता है. चाणक्य ने नीति शास्त्र में एक श्लोक के माध्यम से ऐसे 7 प्राणियों के बारे में बताया है जिन्हें नींद से कभी भूलकर भी नहीं जगाना चाहिए, नहीं तो हो सकती है मौत. आइए जानते हैं इन प्राणियों के बारे में…

अहिं नृपं च शार्दूलं बरटिं बालकं तथा।Photo of चाणक्य नीति: अगर इन 7 प्राणियों को नींद से जगाया तो हो सकती है मौत
परश्वानं च मूर्खं च सप्त सुप्तान्न बोधयेत्।।

इस श्लोक के माध्यम से चाणक्य कहते हैं कि सात प्रकार के लोग अगर सो रहे हों तो उन्हें कभी नींद से नहीं जगाना चाहिए. नहीं तो आपकी जान तक जा सकती है. वो बताते हैं कि राजा या प्रशासक को नींद की अवस्था से नहीं जगाना चाहिए. अधूरी नींद में जगाने से उसे गुस्सा भी आ सकता है और क्रोध में आकर वो आपको सजा भी दे सकता है.

चाणक्य शेर और सांप के मामलें में भी यही बात कहते हैं. वो बताते हैं कि शेर को नींद से जगाना जानलेवा हो सकता है और यही परिणाम सांप को जगाने पर भी हो सकता है. यानी मौत से बचना हो तो इन दोनों की निद्रा कभी भंग नहीं करनी चाहिए.

बाल हठ को सबसे बड़ा हठ माना गया है. चाणक्य भी कहते हैं कि बच्चे को नींद से नहीं जगाना चाहिए. क्योंकि अधूरी नींद में उठने के बाद बच्चे जिद पकड़ लेते हैं और आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं. वो मूर्ख व्यक्ति को भी जगाने से मना करते हैं. क्योंकि मूर्ख को कुछ भी बताना भैंस के आगे बीन बजाने जैसा होता है.

चाणक्य के मुताबिक हिंसक पशु को भी नींद से नहीं जगाना चाहिए. उसे जगाए जाने पर वह क्रोध में आकर हमला कर सकता है. इसी तरह चाणक्य कहते हैं कि बिच्छू जैसे डंक मारने वाले कीड़े को भी सोते हुए नहीं जगाना चाहिए. क्योंकि ये पलक झपकते ही डंक मारते हैं. ऐसे में आपकी जान पर भी खतरा हो सकता है.

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Leave A Reply

Your email address will not be published.


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107