सुहागरात के ये असली रिवाज, जिसे सुनकर कभी नहीं अपनाना चाहेगे दूल्हा-दुल्हन

0

दूध का गिलास

हम सभी जानते है की सुहागरात की रात दुल्हन अपने पति के लिए केसर युक्त दूध लेके जाती है वैसे तो ये थोड़ा मज़ाकिया लगेगा पर रिवाज़ के मुताबिक सुहागरात के दिन केसर युक्त दूध पीने से मर्दो को ताकत मिलती है ।

पान

कई जगहों पर ये पान की रश्म नभाई जाती है , कहाँ जाता है की सुहागरात के दिन अगर दूल्हा-दुल्हन दोनों को पान खाए तो उस रात दोनों एक अलग तरह की ख़ुमारी आ जाती है और मुँह की स्मेल भी दूर हो जाती है

 

सफ़ेद बिस्तर

आपने कभी सोचा है की सुहागरात में हमेशा बेड पर सफ़ेद चादर ही क्यों डाली जाती है ! इसे सुनने के बाद आपको थोड़ा अजीब लग सकता है , इस सफ़ेद चादर से घरवाले यह पता लगाने कि कोशिश करते हैं कि लड़की कुंवारी है या नही । 

गुलाब की पंखुडिया

आपने हमेशा फिल्मो में देखा होगा की सुहागरात वाले दिन बेड को खूब सारी गुलाब की पंखुडिया से क्यों सजाया जाता है ? ये सब इसलिए किया जाता है क्यूंकि ऐसा मानना है की फूलों की खुसबू नए जोड़े को मदहोश कर देती है जिससे दोनों आपस में रोमांटिक हो जाते हैं !

सबसे अजीब रिवाज

क्या आपको पता है की कुछ सालो पहले ऐसा रिवाज भी था जिसमे घरवाले अपने रिश्तेदारों को वो चादर दिखते थे जो सुहागरात के समय बेड पर बिछी हुई थी इस रश्म में रिश्तेदारों को यह पुष्टि कराइ जाती थी कि लड़की कुंवारी है या नहीं! 

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Leave A Reply

Your email address will not be published.


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107