जानें क्यों खिलाया जाता हैं शुभ कार्य से पहले दही-शक्कर, जरुर जान ले इसका महत्त्व…

0

किसी भी शुभ काम को करने से पहले दही-शक्कर खानें को शुभ माना जाता है। दही को सुपर फ़ूड कहा जाता है। कहा जाता है की इसे खाने के बाद इंसान जिस भी काम के लिए जा रहा है वो जरूर पूरा होगा। नव दंपति के जीवन की शुरुआत अगर दही-चीनी खिला कर हो तो उनके जीवन में वैसी ही मिठास बनी रहती है। Photo of जानें क्यों खिलाया जाता हैं शुभ कार्य से पहले दही-शक्कर, जरुर जान ले इसका महत्त्व…

क्यों खिलाया जाता है दही-शक्कर

ज्योतिष के अनुसार दही का सफेद रंग चन्द्रमा का कारक माना जाता है। चन्द्रमा मन को शांत और स्थिर बंनाने वाला ग्रह होता है इसलिए उसे मजबूत बंनाने के लिए दही खाना चाहिए। ज्योतिष मानता है कि सफेद चीज घर से खा कर जब कोई निकलता है तो उसका मन एकाग्र होता है।

इसमें कैल्शियम, विटमिन बी-2, बी-12, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे अहम विटमिन्स और मिनरल्स से भरी होने के साथ पाचन में बहुत अच्छी होती है इसमें पाया जाने वाला नेचुरल  लैक्सेटिव सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है।

दही जब चीनी के साथ मिल जाता है तो ये एनर्जी देने का काम करता है क्योंकि चीनी ग्लूकोज में तब्दील हो जाती है।

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Leave A Reply

Your email address will not be published.