आखिर घर में क्यों लगाते हैं तुलसी का पेड़, जानें क्या हैं इसका महत्व

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शास्त्रों और आयुर्वेद, दोनों में ही तुलसी के पौधे को घर में लगाने के कई लाभकारी फायदे बताए गए हैं। पौराणिक ग्रंथों में तुलसी के पौधे को पूजनीय, पवित्र और देवी का दर्जा दिया गया है। यही कारण है कि हिंदू धर्म में आमतौर पर तुलसी का पौधा लगभग हर घर में देखा जाता है। तुलसी का पौधा हमारे लिए धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही महत्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में तुलसी का वास होता है, वहां तरक्की के साथ सुख-शांति और धन की संपन्नता अपने आप ही हो जाती है। तुलसी वातावारण को शुद्ध और प्रदूषण रहित करने के साथ-साथ घर परिवार में आरोग्य की जड़ें मज़बूत करती है और श्रद्धा भाव को भी जीवित रखती है।

तुलसी के पौधे को प्रत्यक्ष तौर से देवी मानकर मंदिरों और घरों में उसकी पूजा की जाती है। तुलसी को सर्व दोष निवारक, सर्व सुलभ तथा सर्वोपयोगी बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी की सेवा और आराधना से व्यक्ति स्वस्थ एवं सुखी रहता है। आइए जानते हैं घर में तुलसी का पौधा लगाने का धार्मिक महत्व

तुलसी के पौधे का धार्मिक महत्व

1. हिंदू धर्म में मान्यता है कि तुलसी के बिना भगवान श्री हरि और श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी रहती है। इसके अलावा तुलसी का भोग हनुमान जी को भी लगाया जाता है। पौराणिक कथा है कि बिना तुलसी के भोग के हनुमान जी संतुष्ट नहीं होते हैं।

2. सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि तुलसी के पत्ते को गंगाजल के साथ मृत व्यक्ति के मुंह में रखने से व्यक्ति की आत्मा को शांति मिलती है और उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

3. तुलसी और गंगाजल को पूजा में कभी भी बासी नहीं माना जाता है। ये दोनों ही चीजें किसी भी परिस्थिति में बासी या अपवित्र नहीं माना जाता है।

4. शास्त्रों में उल्लेख है कि तुलसी का पौधा घर के आंगन में लगाने से और सेवा करने से मनुष्य के पिछले जन्म के सारे पाप मिट जाते हैं।

5. ऐसी भी मान्यता है कि अगर घर तुलसी की पूजा हर रोज नियमित तौर से की जाती है तो घर में यमदूत कभी प्रवेश नहीं करते। इसके अलावा सुख और समृद्धि घर में बनी रहती है।

तुलसी के पौधे का महत्व तमाम हिंदू ग्रंथों और शास्त्रों में बताया गया है। तुलसी के पौधे की कई गुण पद्मपुराण, ब्रह्मवैवर्त, स्कंद पुराण, भविष्य पुराण और गुरुड़ पुराण में बताई गई है।Photo of आखिर घर में क्यों लगाते हैं तुलसी का पेड़, जानें क्या हैं इसका महत्व

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