पुरुष नसबंदी के फायदे, नुकसान और यौन जीवन पर असर

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जानिए पुरुष नसबंदी कैसे होती है, पुरुष नसबंदी ऑपरेशन, पुरुष नसबंदी के फायदे, पुरुष नसबंदी के साइड इफेक्ट, पुरुष नसबंदी कितना प्रभावी है और पुरुष नसबंदी का यौन जीवन पर प्रभाव के बारे में …

पुरुष नसबंदी क्या है

सर्जरी की तरह ही एक सामान्य प्रक्रिया है जिसे जन्मदर को नियंत्रित करने के लिए कराया जाता है। यह नसबंदी डॉक्टर आमतौर पर हॉस्पिटल या अपने क्लिनिक में ही करते हैं। पुरुषों के अंडकोश (scrotum) में एक छोटा सा ट्यूब होता है जो अंडकोश (testicles) से शुक्राणु (sperm) को मूत्रमार्ग तक ले जाने का कार्य करता है । नसबंदी के दौरान इसी ट्यूब को काट दिया जाता है या फिर बंद (block) कर दिया जाता है जिससे पुरुष के शरीर से शुक्राणु स्खलन के दौरान बाहर नहीं निकलते हैं जिसके कारण यौन संबंध बनाने के बाद महिला गर्भवती नहीं होती है। पुरुष नसबंदी की यह प्रक्रिया (purush Nasbandi procedure) कम समय में ही पूरी हो जाती है और पुरुष नसबंदी कराने के बाद उसी दिन घर भी जा सकता है। यह प्रेगनेंसी को रोकने में 100 प्रतिशत प्रभावी  है।

पुरुष नसबंदी के प्रकार 

बिना चीरा विधि से नसबंदी कराने पर इंफेक्शन होने एवं अन्य परेशानियों का खतरा कम रहता है और आमतौर पर यह कम समय में ठीक भी हो जाता है। नसबंदी आमतौर पर स्थायी होती है इसलिए जो लोग जीवन में बच्चा नहीं पैदा करना चाहते या अधिक बच्चे की चाह नहीं रखते, वे नसबंदी करा लेते हैं।

जानिए पुरुष नसबंदी कैसे होती है

पुरुष नसबंदी की प्रक्रिया बहुत सामान्य होती है और इसमें एनीस्थिसिया की आवश्यकता नहीं पड़ती है। कुछ पुरुषों को नसबंदी से पहले हल्की घबराहट होती है इसलिए कुछ मामलों में उन्हें नींद की दवा दी जाती है।

  • सबसे पहले अंडकोश के आसपास के क्षेत्र को अच्छी तरह से साफ किया जाता है।
  • इसके बाद प्रत्येक अंडकोश से जुड़ी शुक्राणु वाहिका ट्यूब को खोजा जाता  है।
  • जब शुक्राणु वाहिका(vas deferens) ट्यूब का पता चल जाता है तो  इसके बाद उसे सुन्न किया जाता है।
  • इसके बाद डॉक्टर अंडकोश के उत्तकों पर एक या दो चीरा(incisions) लगाते हैं।
  • चीरा लगाने के बाद शुक्राणु वाहिका ट्यूब दिखायी दिखायी देने लगता है जिसे धीरे से बाहर खींच लिया जाता है।
  • शुक्राणु वाहिका ट्यूब दिखायी देने पर डॉक्टर नसबंदी से पहले मरीज के पास दो विकल्प रखते हैं। पहला कि प्रत्येक शुक्राणु वाहिका नली को आधा काट दिया जाय। दूसरा सामान्य रूप से इसे बंद कर दिया जाये।
  • आमतौर पर शुक्राणु नली को काटने के बजाय इसे बंद कर दिया जाता है जिससे कि स्पर्म नहीं गुजर पाते हैं।
  • शुक्राणु नली को काटने या अवरूद्ध करने के बाद उसके अगले सिरे को सील कर दिया जाता है।

पुरुष नसबंदी में लगभग 20 से 30 मिनट का समय लगता है और इसे ठीक होने में कुछ हफ्ते  का समय लगता है।

पुरुष नसबंदी के फायदे 

महिला नसबंदी की अपेक्षा बहुत आसान और कम खर्चीला है। जो दम्पत्ति भविष्य में बच्चा पैदा नहीं करना चाहते हैं वे डॉक्टर से बात करने के बाद नसबंदी करा सकते हैं। महिला को प्रेगनेंट होने से रोकने में यह बहुत प्रभावी होता है।

आइये जानते हैं पुरुष नसबंदी कराने के फायदे क्या हैं-

पुरुष नसबंदी जन्म दर को रोकने का एक स्थायी, प्रभावी और सुविधाजनक उपाय है।

यह यौन जीवन को बेहतर बनाता है और सेक्स के दौरान गर्भ ठहरने की चिंता को दूर करता है।

नसबंदी कराने के बाद पुरुषों की यौन क्षमता और यौन क्रिया पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

पुरुष नसबंदी के साइड इफेक्ट 

आमतौर पर सेक्स के दौरान महिला के योनि में स्पर्म को स्खलित होने और उसे प्रेगनेंट होने से बचाने के लिए पुरुषों की नसबंदी की जाती है। लेकिन नसबंदी के बाद पुरुषों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

  • पुरुष नसबंदी का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह यौन संचारित संक्रमण (STI) से बचाव करने में सहायता नहीं करता है।
  • नसबंदी बच्चा पैदा न करने का एक स्थायी उपाय है इसलिए यदि भविष्य में आपको फिर से बच्चे की चाह हो तो आपके पास कोई विकल्प नहीं रहेगा।
  • नसबंदी करने के बाद पुरुषों को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • अंडकोश में सूजन, चोट और ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है।
  • सेक्स के दौरान सीमेन में ब्लड आ सकता है और पुरुषों को इंफेक्शन भी हो सकता है।
  • पुरुष के अंडकोश में तरल पदार्थ बनने लगता है। इसमें गंभीर दर्द भी हो सकता है।
  • नसबंदी के बाद भी यौन संक्रमण से बचने के लिए पुरुष को सेक्स के दौरान कंडोम का प्रयोग करना पड़ सकता है।
  • और पढ़े – सबसे सामान्य योन संचारित रोग की जानकारी

पुरुष नसबंदी कितना प्रभावी है 

purush Nasbandi महिला को गर्भवती होने से बचाने में 100 प्रतिशत प्रभावी है। पुरुषों के लिए बच्चों के जन्म को नियंत्रित करने के लिए यह बहुत प्रभावी तरीका है। हालांकि पुरुष नसबंदी तुरंत प्रभावी नहीं होता है। नसबंदी के बाद तुरंत असुरक्षित यौन संबंध (unprotected sex) बनाना ठीक नहीं होता है क्योंकि अंदर पहले से मौजूद स्पर्म को पूरी तरह से बाहर निकलने में कम से कम तीन महीने का समय लगता है। नसबंदी के कुछ दिनों डॉक्टर पुरुष के सीमेन का परीक्षण करने के बाद यह बताते हैं कि कब सेक्स करना सुरक्षित होगा। सीमेन का टेस्ट कराने के लिए पुरुष को हस्तमैथुन (masturbation) करके सीमेन का सैंपल देना पड़ता है। इसके बाद डॉक्टर परीक्षण करते हैं कि सीमेन में स्पर्म मौजूद है या नहीं।

पुरुष नसबंदी का यौन जीवन पर प्रभाव

purush Nasbandi के बाद उनके शरीर की सामान्य क्रियाओं पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। नसबंदी के बाद भी पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन और सीमेन (semen) का उत्पादन पहले की तरह ही होता है लेकिन सीमेन में अब पुरुष का स्पर्म नहीं होता है और पुरुष को यौन संबंध बनाने के लिए पहले की तरह ही उत्तेजना भी होती है।

नसबंदी के बाद पुरुषों के सेक्स करने की इच्छा (sex drive) और शरीर में बनने वाले हार्मोन्स पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसका सिर्फ इतना ही प्रभाव पड़ता है कि यौन संबंध बनाने के बाद महिला कभी भी गर्भवती नहीं हो सकती है।

नसबंदी दंपत्ति के यौन जीवन को बेहतर बनाता है और आप बिना किसी चिंता के अपने यौन जीवन का आनंद उठा सकते हैं।

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