कान छिदवाने के पीछे हैं ये वैज्ञानिक कारण, फायदे जान आप भी हो जाएंगे हैरान

0

इन दिनों कान छिदवाना लोगों के लिए फैशन बनता जा रहा है, लेकिन इसकी परंपरा पुराने जमाने से चली आ रही है। अब बस अंतर ये हो गया है कि बदलते समय के अनुसार इसे लोग ट्रैंड और फैशन कहने लगे हैं। कान छिदवाना परंपरा से भले ही आज ट्रेंड बन गया हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं कान छिदवाने से होने वाले फायदों के बारे में…कान छिदवाने के पीछे हैं ये वैज्ञानिक कारण, फायदे जान आप भी हो जाएंगे हैरान

कान छिदवाने से स्वास्थ को भी कई फायदे होते हैं जैसे कान छिदवाने से हमें लकवा जैसी गंभीर बीमारी का खतरा नहीं होता है। इसके साथ ही कान के निचले हिस्से में दबाव पड़ने से तनाव कम होता है, साथ ही दिमाग की अन्य परेशानियों से भी बचाव होता है।

कान छिदवाने से हमारी आंखों की रौशनी सही रहती है, इसके अलावा यह हमारी ब्रेन पावर को बढ़ाने का काम भी करता है। दरअसल, कान के निचले हिस्से में एक प्वाइंट होता है, जब वो दबता है तो उससे आंखों की रौशनी तेज होती है।

कान छिदवाने से हमारी पाचन शक्ति मजबूत रहती है। कान के नीचे एक हिस्सा होता है जो दबने से हमेशा इंसान को भूख लगती रहती है। इसलिए ज्यादातर लोग कम उम्र में ही बच्चों का कान छिदवा देते हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार कान छिदने से लकवा जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इतना ही नहीं यह हमारे शरीर को सुन्न पड़ने और पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारी से बचाता है।

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Leave A Reply

Your email address will not be published.


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107