प्रेग्नेंसी में ट्रैवलिंग बेशक रिस्की है, लेकिन ट्रैवल करते समय इन 7 बातों का रखें खास ध्यान

0

प्रेग्नेंसी में ट्रैवलिंग बेशक एक बड़ा रिस्क होता है लेकिन कुछ तैयारियों और सूझ-बूझ के साथ आप बेफ्रिक होकर सफर को एन्जॉय कर सकती हैं। कुछ महिलाएं 1-2 घंटे के सफर को आसान मानती हैं, बल्कि ऐसा नहीं है। फ्लाइट से सफर 1 घंटे का हो या 8 घंटे का, बिना तैयारी के दोनों ही बोझिल बन सकती है। तो जानते हैं प्रेग्नेंसी में ट्रैवलिंग के लिए जरूरी टिप्स। 

डॉक्टर्स की परमिशन

प्रेग्नेंसी में ट्रैवलिंग से पहले डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर कर लें जिससे वो किसी तरह की प्रॉब्लम होने पर आपकी हेल्प कर सकें। क्योंकि प्रेग्नेंसी के शुरुआत में ट्रैवलिंग के दौरान मिसकैरिज का तो वहीं 8 या 9वें महीने में लेबर पेन का खतरा होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर एयरलाइन्स ने प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कुछ रूल्स एंड रेग्युलेशन बना रखे हैं। इसलिए इन्हें जान लेना जरूरी है जिससे बुकिंग के बाद किसी तरह की निराशा न हो। इसके साथ ही ट्रैवलिंग से पहले आपको डॉक्टर अप्रूव अपना मेडिकल सर्टिफिकेट भी दिखाना पड़ता है तभी आपको ट्रैवल की परमिशन मिलती है।

ट्रैवलिंग से पहले की तैयारियां

प्रेग्नेंसी में ट्रैवलिंग के दौरान बहुत टाइट कपड़े पहनना अवॉयड करें। ढीले-ढाले आउटफिट्स सफर में बहुत ही कम्फर्टेबल होते हैं। कपड़ों के साथ ही आपके फुटवेयर्स पर भी ध्यान दें। फ्लैट्स इसके लिए बेस्ट रहेंगे। वर्सेटाइल आउटफिट्स भी आप ऐसे में ट्राय कर सकती हैं जिसे आप जरूरत के हिसाब से लूज़ कर सके। अगर आप बहुत ही लंबे टूर पर जा रही हैं तो दवाईयों को साथ रखना न भूलें।

कम्फर्टेबल सीट चुनें 

प्रेग्नेंसी में ट्रैवल करने वाली हैं तो विंडो सीट का मोह छोड़ दें ऐसी सीट चुनें जो वॉशरूम के पास हो। जिससे आपके साथ-साथ दूसरों को भी प्रॉब्लम न हो। इसके साथ ही सबसे पीछे की सीट में लैग स्पेस भी ज्यादा होता है मतलब आप आराम से सफर में पैर फैलाकर बैठ सकती हैं।

हमेशा कैरी करें खाने-पीने की चीज़ें 

प्रेग्नेंसी में जब भी बाहर निकलें अपने साथ खाने-पीने की हेल्दी चीज़ें जरूर कैरी करें। फ्लाइट में मिलने वाला खाना स्वाद में भले ही अच्छा हो लेकिन न्यूट्रिशन के मामले में इनकी कोई गारंटी नहीं होती इसलिए घर का बना हुआ खाना खाएं जिससे ट्रैवलिंग के दौरान और डेस्टिनेशन पर पहुंचकर भी किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। 

सफर के दौरान खुद को रखें इंगेज

सफर में खुद को जितना इंगेज रखेंगी उतना ही कम्फर्टेबल रहेंगी। कहने का मतलब है कि म्यूज़िक, मूवी और किताबें इंगेज़ रखने के साथ ही एंटरटेनमेंट भी करती हैं जिससे सिरदर्द, वॉमिटिंग और जी मिचलाने की समस्या कम होती है।   

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Leave A Reply

Your email address will not be published.


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/updarpan/public_html/namonamo.in/wp-includes/functions.php on line 5107