तो इसलिए दुल्हन शादी में पहनती है सिर्फ लाल ही रंग का जोड़ा, वजह जानकर हिल जाओगे…

0
हमारे यहां हिंदू शादियों में दुल्हन को लाल रंग का शादी का जोड़ा पहनाया जाता हैं जिसके बाद ही शादी होती है। मगर क्या आप जानते हैं कि दुल्हन को लाल रंग के ही कपड़ें क्यों पहनाए जाते हैं। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में इसके बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे।
लाल रंग का ही क्यों होता है दुल्हन का जोड़ा:
ज्योतिष के अनुसार भी शुभ कार्य शादी में लाल, पीले और गुलाबी रंगों को अधिक मान्यता दी जाती है क्योंकि लाल रंग सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य यह है कि लाल रंग ऊर्जा का स्तोत्र माना जाता है। इसके साथ ही आपको बता दें कि, लाल रंग को सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है। 

 

और भी है कई मान्यताएं:
इसके विपरीत जब नीले, भूरे और काले रंगों की मनाही करते हैं क्योंकि ये रंग नैराश्य का प्रतीक माना जाता है और यहीं कारण है कि शुभ कामों में लाल रंग को अधिक महत्व दिया जाता है। इसलिए शादी में दुल्हन के लिए लाल रंग खास माना गया है।

, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल,

Leave A Reply

Your email address will not be published.