हर किसी को फ्लाइट में ट्रेवलिंग करने से पहले जान लेनी चाहिए ये 5 बातें, क्योंकि

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हर व्यक्ति की चाहत होती हैं कि वह अपने जीवन में एक बार तो जरूर हवाई जहाज में यात्रा करें। हवाई जहाज में यात्रा करना एक सुखद अनुभव के साथ सहूलियत भरा सफ़र होता हैं। क्योंकि हवाई जहाज में आपको कई सुविधाएँ दी जाती हैं और आपकी सेवा के लिए फ्लाइट में अटेंडेंट्स होते हैं। फ्लाइट में ट्रेवलिंग करने से जुडी ऐसी कई बातें हैं जो आप शायद नहीं जानते होंगे और आपसे ये चीजें छुपा कर रखी जाती हैं। तो आइये आज हम बताते हैं आपको फ्लाइट से जुडी उन बातों के बारे में।

गंदगी का ध्यान

एक प्लेन दिनभर में कई जगह उड़ता है। ऐसे में जब भी एक यात्रा पूरी होती है तो पूरे प्लेन की सफाई की जाती है लेकिन जरूरी नहीं कि प्लेन के साथ सभी टेबलों को भी साफ किया हो। यहां साफ करने से मतलब डिसइंफेक्टेड करने से है। कई बार एक ही कपड़े से सभी टेबलों को साफ किया जाता है। जिससे एक टेबल की गंदगी दूसरी टेबल पर आ जाती है।

 

चादर और ट्रे फ्रेश नहीं होते

भले ही एक प्लेन ने दिन भर में कई उड़ानें भरी हों, मगर जरूरी नहीं कि हर बार फ्रेश चादर और खाना सर्व करने वाले ट्रे का इस्तेमाल किया जाता है। जब भी एक यात्रा पूरी होती है और प्लेन को अगली यात्रा के लिए तैयार किया जाता है तो अमूमन इस्तेमाल किए गए चादर को ही चपेत कर रखा जाता है। यही हाल ट्रे का भी होता है। बेहतर होगा आप अपने साथ हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

मौत होने पर नहीं दी जाती जानकारी

फ्लाइट के सफर के दौरान बीच में अगर किसी यात्री की तबीयत खराब हो जाती है तो फ्लाइट अटेंडेंट उसका प्राथमिक उपचार करते हैं। जरूरत पड़ने पर स्पेशलिस्ट से संपर्क भी किया जाता है और उनके कहे अनुसार दवाईयां दी जाती हैं। अगर किसी कारणवश यात्री की मौत हो जाती है तो अन्य यात्रियों को इसकी सूचना नहीं दी जाती। डेडबॉडी जहां है वहीं रहती है उसे बस एक चादर से ढंक दिया जाता है।

सामान के साथ आती है लाश

फ्लाइट में सफर के दौरान आपका सामान आपके पास नहीं रहता बल्कि उसे कार्गो में रख जाता है। कार्गों में कई और सामान भी भेजे जाते हैं। संभव है कि जिस जगह आपका लगेज रखा हो वहां पर लाश भी रखी हो। डेड बॉडी को हमेशा एच आर से अंकित किया जाता है जिसका मतलब होता है हयूमन रीमेंस।

डिम लाइट

अगर रात के वक्त प्लेन को लैंड किया जाता है को अंदर की लाइट डिम (कम) कर दी जाती है। ऐसा इसलिए ताकि अंधेरे में भी निकलने पर यात्रियों को देखने में तकलीफ ना हो। वर्ना अगर प्लेन में तेज रौशनी रहेगी और आपने रात में प्लेन डीबोर्ड किया तो संभव है कि प्लेन से उतरने के बाद कुछ देर तक आपको देखने में परेशानी हो।

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